राजदरी जलप्रपात में स्नान करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों लोग खतरे के बीच स्नान करते हैं और उनको रोकने टोकने वाला कोई नहीं। इसी की वजह से बुधवार को स्नान के दौरान एक पर्यटक गहरे पानी में चला गया और उसकी मौत हो गई। मानसून की दस्तक के बाद हुई बारिश से वनांचल की वादियों का मौसम सुहाना हो गया है। वहां का लुत्फ उठाने के लिए अब चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार में दूरदराज के सैलानियों की संख्या भी बढ़ गई है। राजदरी देवदरी के जंगल में मस्ती करने के साथ ही सैकड़ों फुट गहरी खाई के किनारे जलप्रपात से गिर रहे पानी में मौज मस्ती कर रहे हैं मगर जान जोखिम में डालकर स्नान कर रहे हैं। पत्थरों पर लगी काई से पैर फिसला तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। काशी वन्य जीव प्रभाग की ओर से भी वहां अब तक सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। बारिश के समय जंगलों में स्थित नदी नाले उफान पर होने से झरनों जलप्रपातों पर रौनक लौट आई है। आसपास के जिलों से भी पर्यटक जंगल में सैर सपाटा करने के साथ ही जलप्रपातों को देखने के लिए पहुंच रहे है। जिले के दो प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में राजदरी देवदरी, औरवाटांड़ शामिल है। जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार में स्थित राजदरी जलप्रपात में पहाड़ी से उंचाई से पानी गिरता है। पानी की एक चादर बन जाती है। झरना कलकल बहने से बड़ी संख्या में पर्यटक परिवार के साथ देखने के लिए पहुंच रहे है। लेकिन इस झरने के आसपास फिसलन होने से मौत का खतरा रहता है।यहां सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम ना तो वन विभाग न ही चंद्रप्रभा पुलिस चौकी द्वारा किया गया है। ऐसे में बेरोक टोक सैलानी जलप्रपात के किनारे नहाने से बाज नहीं आ रहे हैं।