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VIDEO : चंदौली गढ़वा उत्तरी गांव में चल रहे गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन हुआ जगमग, 11 हजार दीप जले

गायत्री परिवार की ओर से गढ़वा उत्तरी गांव के रघुकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में चल रहे 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ प्रज्ञा पुराण कथा के अंतिम दिन मंगलवार की रात दीपदान किया गया। यज्ञ स्थल परिसर घर-घर से आए हज़ारों दीपकों की रोशनी से जगमगा गया। छोटे-छोटे बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों, महिलाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ दीप जलाकर गायत्री दीप महायज्ञ में अपनी आहुति दी। वहीं लोगों ने युग निर्माण का संकलप लिया। 28 मार्च से प्रारंभ प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भीड़ होने के कारण यज्ञ कुंड में आहूति का कार्यक्रम दोपहर बाद तक चलता रहा। लोगों ने श्रद्धा से गायत्री महायज्ञ में प्रतिभाग किया और भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण किया। शाम के दीपयज्ञ की तैयारियां दोपहर से ही शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में कन्याएं दिए सजाने में जुट गई। कार्यक्रम स्थल पर हज़ारों दीप मालाएं सजाई गईं। इसके पूर्व प्रज्ञा पुराण कथा में खेमचंद्र विशाल ने कहा कि मानव में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण की परिकल्पना को साकार करने के लिए लोगों को श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम एक माला गायत्री मंत्र का जप, अखंड ज्योति एवं युग निर्माण योजना का नियमित अध्ययन, युग निर्माण की सप्त क्रांतियों को आगे बढ़ाने, समय दान एवं अंश दान करने का सभी को दोनों हाथ उठाकर संकल्प दिलाया। इसके बाद दीप महायज्ञ का कार्यक्रम हुआ, संगीत वाद्य यंत्रों के उपर स्रोता झूमे। पूर्णाहुति में दक्षिणा के रूप में लोगों को अपनी एक बुराई त्यागने का संकल्प दिलाया गया। चकिया के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने देव मंच पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने गायत्री परिवार के सामाजिक आंदोलनों की सराहना करते हुए 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को सफल बनाने में मे जुटे श्रद्धालुओं कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी।

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