मुहर्रम पर जिले में 400 से ज्यादा ताजिए निकले, लेकिन उनमें कूढ़े खुर्द गांव का ताजिया सबसे अनूठा और अद्भुत रहा। यहां जुलूस में मुस्लिम भाईयों के साथ हिंदू युवाओं ने मातम किया और करतब दिखाए। गोविंद यादव और विजय यादव ने आग से भरी मटकी को एक दूसरे के सिर पर फोड़ा। वहीं आग के गोले के बीच शमशेर, विजय, बरकत और निजामुद्दीन ने सिने पर पत्थर फोड़कर मातम मनाया। युद्ध के दृश्य में भी सभी धर्मों के लोग एक साथ दिखे।