रोटरी क्लब वाराणसी नार्थ और महर्षि बाल्मीकि सेवा संस्थान की ओर से मंगलवार को देवखत स्थित बनवासी आश्रम में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 11 बनवासी व अनुसूचित जाति वर-वधु ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि के सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन के सात वचनों का संकल्प लिया। आचार्य पंडित विजय बिहारी पांडे ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया। विवाह की बारात नौगढ़ दुर्गा मंदिर से छह रथों पर सवार होकर डीजे की धुन के साथ निकली और वनवासी सेवा आश्रम देवखत पहुंची। समारोह में संघ के वरिष्ठ प्रचारक और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री रासबिहारी जी मुख्य अतिथि रहे, जबकि नौगढ़ के उप जिलाधिकारी विकास मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का मार्गदर्शन उत्तराखंड के सेवाप्रमुख व महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के संस्थापक राधेश्याम द्विवेदी ने किया। उन्होंने सामूहिक विवाह के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। रोटरी क्लब नार्थ की अध्यक्ष रुचि भार्गव के सहयोग से सभी नवविवाहित कन्याओं को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक समान भेंट किए गए। राधेश्याम द्विवेदी ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ धर्म की जिम्मेदारियों और मूल्यों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र जैन ने किया। इस अवसर पर कृष्णकुमार जायसवाल, अवधबिहारी मिश्रा, अशोक कुमार सुल्तानिया, रामवृक्ष कोल, राजनाथ यादव, दिवाकर, अभिषेक और मौलईराम सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से मौजूद रहे।