चंदौली जिले के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के बाद बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने लगा । बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर बीते चौबीस घंटे के भीतर जलस्तर में लगभग दो फीट की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पानी की इस तेज रफ्तार ने तटवर्ती गांवों के किसानों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंगा के जलस्तर में अचानक आई तेजी से नदी किनारे की हलचल बढ़ गई है। चौबीस घंटे के भीतर दो फीट पानी बढ़ने से बलुआ घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, जलस्तर में लगातार प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। इस बढ़ाव के कारण बलुआ, सराय, महुआरी, डेरवा और महुअर , सहित निचले तटवर्ती गांवों के किसानों में डर का माहौल है। किसानों की कृषि भूमि और खेतों में खड़ी फसलों पर बाढ़ का पानी चढ़ने का खतरा मंडराने लगा है, जिससे पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा होने लगा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल अलर्ट पर है। बलुआ पुलिस ने घाट पर आने वाले स्नानार्थियों और नाविकों को गहरे पानी में न जाने तथा विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर की पल-पल की निगरानी की जा रही है और बाढ़ चौकियों को मुस्तैद रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है।