चंदौली के शिकारगंज क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बाबा लतीफशाह की मजार पर दुआ मांगने लोग जुटे। लोगों ने बाबा की मजार पर चादरपोशी कर दुआ मांगी। लोगों ने बनवासी दस के मंदिर पर पहुंच कर पूजा अर्चना की । वहीं मजार परिसर में लोगों ने मेले में पिकनिक का आनंद उठाया। मेले में चंदौली के साथ बिहार प्रांत सहित वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर और आस-पास के जिले से लोग पहुंचे। मेले की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। क्षेत्र के पीतपुर गांव में स्थित कर्मनाशा नदी के कछार पर कौमी एकता के मिसाल बाबा लतीफशाह की मजार, सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बाबा बनवारी दास का समाधि स्थल हैं। यह हिंदू मुस्लिम भाईयो के लिए गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक हैं। लतीफशाह में बारहों मास मुस्लिम बंधू दुआखानी और चादरपोशी करने के लिए आते हैं। वही लतीफ शाह बीयर के नीचे पिकनिक भी मनाते हैं। पुरानी परंपरा के अनुसार तीज के तीसरे दिन ऐतिहासिक मेला बाबा लतीफ शाह के मेले का आयोजन होता है। यहां हजारों हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बाबा के मजार पर चादरपोशी करते हैं। रविवार को मेले के अवसर पर बाबा के मजार पर पहुंर कर लागों ने चादरपोशी की और तर्बरूक चढ़ाकर मन्नते मांगी। इस अवसर पर मजार के पास ही में स्थित बाबा वनवारी दास की समाधि पर भी श्रद्धालुओ ने दर्शन पूजन किया। मेले के दौरान लतीफ शाह की मजार परिसर के अलावा कर्मनाशा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित बाबा सैयद शाह अजमेरी की मजार पर भी जायरीन उमड़े रहे। मेला पश्चिमी छोर पर भी लगा। मेले में चाट-पकौड़ी, गुड़हिया जलेबी, बिसातबाने, घरेलु सामग्री, खिलौने, गुब्बारों की दुकानों पर श्रद्धालुओ ने खरीददारी की और खेल तमाशे का आनंद लिया। श्रद्धालुओं के सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम दिव्या ओझा, सीओ राजीव कुमार, चकिया कोतवाल अतुल प्रजापति, एसएसआई जय सिंह सहित कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान सक्रिय रहे।