गंगा घाट नदी के बीच निर्मित पीपा पुल पर लगी लोहे की प्लेट महाकुंभ में चली जाने के कारण पीपा पुल का आवागमन बीते ढ़ाई महीने से बंद पड़ा है। महाकुंभ समाप्ति के बाद भी उक्त पुल पर आवागमन शुरू करने की कवायद शुरू न होने से लोग परेशान है। टांडाकला कैथी स्थित गंगा नदी पर पीपा पुल स्थापित किया गया था। जिससे टांडाकला सहित चहनियां व चंदौली जिले के अन्य ब्लॉक के लोगों को बाबा मारकंडे धाम का दर्शन पूजन करने में काफ़ी सहूलियत मिलती है। स्थानीय व्यापारियों सहित आम लोगों को व्यापार, इलाज सहित अन्य कई कार्यों के लिये वाराणसी आना जाना सुगम हो जाता है। किन्तु प्रयागराज महाकुम्भ के लिये आवश्यकता वश प्रशासन द्वारा पुल पर लगी लोहे की प्लेट ले जायी गई। जिससे एहतियात के तौर पर पुल पर आवागमन को बंद कर दिया गया। महाकुम्भ समाप्ति के करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी पुल पर आवागमन शुरू करने की कोई कवायद होती नहीं दिख रही है। क्षेत्रीय लोग राजीव सिंह, अमित सिंह, बसावन सिंह, अमित पांडेय, अनिल निषाद, साजन साहू, राजेश जायसवाल, गोलू सिंह, ऋषि मिश्रा, आलोक पाण्डेय, दुर्गेश पाण्डेय आदि ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पीपा पुल पर आवागमन यथा शीघ्र शुरू कराने की मांग किया है। घाट दरोगा दिना सिंह ने बताया कि 27 मार्च बृहस्पतिवार को पटरी लाने प्रयागराज जा रहे हैं, तीन-चार दिनों में लोहे की पटरी आ जाएगी इसके बाद तुरंत पीपा पुल पर आवागमन चालू कर दिया जाएगा।