चहनिया क्षेत्र के सुरतापुर गांव में कुछ लोगों द्वारा नहर पाटकर कब्जा किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सुरतापुर, हिनौता और परसिया गांवों की लगभग 200 एकड़ कृषि भूमि सिंचाई संकट की चपेट में आ जाएगी। बताया कि इस नहर के माध्यम से पिछले कई वर्षों से तीनों गांवों के किसान अपनी खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने वाली है और ऐसे समय में नहर को पाटे जाने से खेतों तक पानी पहुंचना बंद हो जाएगा। इससे जहां आगे के गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सकेगा, वहीं कुछ खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नहर के समीप भूमि की पैमाइश के बाद संबंधित लोगों को उनके हिस्से की जमीन पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। इसके बावजूद कुछ लोग नहर को पाटकर रास्ते तक कब्जा बढ़ाना चाहते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा। प्रदर्शन में अर्पित मिश्रा, राजदेव यादव, दूधनाथ, अशोक यादव, संतोष यादव, विनोद, नीरज, सुशील, रौनक, सचिन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।