बिजनौर जनपद के नांगलसोती क्षेत्र में गांव जालपुर में घर के आंगन में बंधी भैंस अचानक खूंटे से खुलकर जीने के रास्ते घर की छत पर चढ़ गई। भैंस करीब चार घंटे तक छत पर घूमती रही, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जालपुर निवासी भोले के पशु शुक्रवार को घर के आंगन में बंधे हुए थे। अपराह्न करीब तीन बजे एक भैंस अचानक खूंटे से खोली और जीने की रास्ते मकान की छत पर चढ़ गई। छत से भैंस की आवाज सुनाई देने पर घर के सदस्य बाहर निकले। भैंस को उतारने के लिए लोग भी छत पर चढ़ गए। भैंस को छत पर घूमता देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए। घर के लोगों और ग्रामीणों ने भैंस को छत से उतारने के खूब प्रयास किया, लेकिन विफल रहे। भुड्डी के पशु व्यापारियों को भी भैंस को छत से उतारने के लिए बुलाया गया, लेकिन भैंस को छत से नीचे नहीं उतार सके। भैंस करीब चार घंटे तक छत पर ही भ्रमण करती रही। भैंस को नीचे उतारने के लिए जीने के पास लाया जाता था, लेकिन भैंस कूदकर फिर छत पर पहुंच जाती थी। भैंस को उतारने के लिए उसके बच्चे को भी ऊपर ले जाया गया। शाम करीब सात बजे ग्रामीणों ने किसी तरह भैंस को जीने के रास्ते ही नीचे उतारा, तब जाकर उस परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।