शहीद-ए-आजम आजम भगत सिंह राजगुरु, सुखदेव की शहादत दिवस के अवसर पर सोमवार को अमर शहीद झूरी सिंह स्मारक पर शहीद दिवस मनाया गया। जिसमें आजादी के महानायकों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि आज ऐसे ही आजादी के देश प्रेमियों की वजह से हम लोग स्वतंत्र एवं उन्मुक्त वातावरण में सांस लेते हैं। बताया कि हमारे वीर क्रांतिकारियों को धोखे से पाकिस्तान के लाहौर जेल में फांसी दे दी गई थी। फांसी की तिथि निर्धारित नहीं की गई थी, निर्धारित तिथि से पहले ही रातों-रात फांसी दे दी, जो अंग्रेजों की हताशा का परिणाम था। इस दौरान राजेश पाठक, राघवेन्द्र सिंह, आयुष पाठक, आदर्श पाठक, रामाशीष आदि रहे।