गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवों महेश्वरा:। गुरुसाक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम: के साथ ही शिष्यों ने गुरु के चरणों में शीश नवाए। जिले के विभिन्न स्थानों पर बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व परंपरागत तरीके से उत्साह के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त में मठों, आश्रमों में विविध कार्यक्रम आयोजित कर शिष्यों ने गुरु की महिमा का बखान किया। गुरु के चरणों में शीश नवाकर आशीष लिया। औराई के अर्जुन पट्टी आश्रम पर के गुरु समाधि की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। परिसर के ही अंदर लक्ष्मण दास महाराज की समाधि की एक झलक पाने और पुष्प चढ़ाने को लेकर भक्त आतुर दिखे।