बरेली कॉलेज में सोमवार को हिंदी विभाग विभाग प्रभारी से समाजवादी छात्र सभा (सछास) के पदाधिकारियों की बहस हो गई। इस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी सछास के विरोध और शिक्षक के समर्थन में आ गए। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस के पहुंचने पर सछास पदाधिकारी ने विभाग प्रभारी से माफी मांगी। तब मामला शांत हुआ। हिंदी विभाग प्रभारी प्रो. परमजीत कौर के पास सछास के महानगर अध्यक्ष विक्रांत पाल एक शोध छात्र की पैरवी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी थी, जिस वजह से प्रभारी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस बीच विक्रांत और प्रो. परमजीत में बहस होने लगी। उन्होंने अपने भाई कॉमर्स विभाग प्रभारी डॉ. भूपेंद्र सिंह को बुला लिया। हंगामा होता देख अभाविप के पदाधिकारी भी पहुंच गए। सछास जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा और एबीवीपी के विभाग सह संयोजक श्रेयांस वाजपेयी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मुख्य नियंता प्रो. आलोक खरे ने दोनों को शांत कराया। सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण के पीछे एक शिक्षक को ही जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसके विरोध में पिछले दिनों विभाग प्रभारी प्राचार्य से मिली थीं। बरेली कॉलेज के मुख्य नियंता प्रो. आलोक खरे ने बताया कि हिंदी विभाग प्रभारी से कुछ छात्रों की कहासुनी हो गई थी। बाद में बहस करने वाले छात्रों ने माफी मांग ली है, जिन्हें प्रभारी ने माफ भी कर दिया है।