बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले शूटरों में रविंद्र काफी हेकड़ था। उसने कैमरों से बचने के लिए रास्ते बदलने और मोबाइल के कम इस्तेमाल का तो ध्यान रखा, लेकिन कहीं भी चेहरा नहीं छुपाया, वहीं अरुण को पहचानने का संकट होटल की सीसीटीवी फुटेज ने पूरा कर दिया। बरेली पुलिस ने जब उसे ट्रेस करना शुरू किया तो हर जगह उसका चेहरा खुला मिला। झुमका चौराहे के पास बाइक से दबंगई से उतरते रविंद्र ने चाय पीने में करीब 22 मिनट बिताए। फायरिंग के वक्त भी उसने अपना चेहरा खुला रखा। वारदात के छह दिन बाद गाजियाबाद में मुठभेड़ में दोनों शूटर मारे गए।