ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यूसीसी (समान नागरिक संहिता) सीधे तौर पर शरीयत में हस्तक्षेप है। मुसलमान इसको मानने के लिए तैयार नहीं हैं। भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि यूसीसी को जबरन थोपने की कोशिश की गई तो मुसलमान विरोध करने के लिए मजबूर होंगे। इसलिए सरकार ऐसा कोई कानून न लाए जिससे देश का माहौल खराब होने का खतरा हो। अगर यूसीसी में शरीयत का ख्याल रखा जाएगा तो मुसलमान इसका विरोध नहीं करेंगे।