बरेली में दसवीं मुहर्रम पर शिया समाज के जुलूस में एक बाबा भी शामिल होकर मातम करने लगे। यह नजारा देख लोग थोड़ा हैरान हुए। पहले तो किसी के कुछ समझ में नहीं आया, फिर कुछ लोगों ने पूछा तो उन्होंने अपना नाम बाबा गिरीश गिरि बताते हुए कहा कि ‘मैं भी इमाम हुसैन को मानता हूं और उनका चाहने वाला हूं। इसलिए मुहर्रम के जुलूस में शामिल हो गया।’ फिर लोग खामोश हो गए और किसी ने कुछ कहा नहीं। कुछ दूर चलकर बाबा वहां से स्वयं ही अपने गंतव्य की ओर चले गए।