देवा मेला में उमड़ी भीड़ अब श्रद्धा के साथ-साथ अव्यवस्था की मिसाल भी बनती जा रही है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर माथा टेकने पहुंच रहे हैं, वहीं भीड़ को संभालने में प्रशासन की तमाम तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं। सबसे गंभीर स्थिति देवा मार्ग पर चल रहे ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन की है। छोटे आकार और सीमित क्षमता वाले ये वाहन अब ओवरलोडिंग का बड़ा कारण बन गए हैं। एक-एक ई-रिक्शा में आठ से नौ सवारियां ठूंसकर बैठाई जा रही हैं, और इतना ही नहीं कई सवारियां छत पर बैठकर या किनारों से लटककर सफर कर रही हैं। यह नजारा देवा जाने वाले लगभग हर रास्ते पर आम हो चुका है। प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी और गश्त के बावजूद ई-रिक्शा चालकों पर कोई अंकुश नहीं दिख रहा।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चालक किराया बढ़ाने और जल्दी-जल्दी फेरे लगाने के लालच में जान जोखिम में डालकर सवारियां ढो रहे हैं।