तराई क्षेत्र में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। बीती रात से बहराइच समेत पूरे तराई इलाके में घना कोहरा छाया हुआ है। सुबह होते ही सड़कों, खेतों और रिहायशी इलाकों में कोहरे की मोटी परत दिखाई दी। ठंड बढ़ने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही, कई जगह लोग लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर दिखे। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारियों और मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर ग्रामीण इलाकों में सुबह खेतों की ओर जाने वाले किसानों को ठिठुरन के साथ कोहरे से जूझना पड़ा। जाड़े की छुट्टियों के बाद आज पहले दिन स्कूल खुला और बच्चे कांपते हुए घर से निकले। ठंड बढ़ने का असर बाजारों पर भी दिखा। सुबह के समय बाजार देर से खुले और सड़कों पर चहल-पहल कम रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। फुटपाथ पर रहने वाले और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए ठंड सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तराई क्षेत्र में नमी बढ़ी है, जिसके कारण घना कोहरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक सुबह और रात में कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही ठंडी हवाओं के चलते तापमान में खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। ऐसे में ठंड का असर फिलहाल बना रह सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड और कोहरे के चलते सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म पेय पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। मौसम के इस बदले मिजाज ने बहराइच जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम रखें।