जो लोग मंदिर-मस्जिद और गिरजा घर के झगड़ों में फंसे हैं। उन्हें जिला मुख्यालय से पांच किलो मीटर दूर श्रीराम वन कुटीर आश्रम हड़ियाकोल जंगल में आना चाहिए। यहां बुझी आंखों संग सौहार्द के दीप रोशन हो रहे हैं। 46 वें विशाल मोतिया बिंद ऑपरेशन शिविर में प्रति दिन दो-ढाई सौ लोगों की आंखों का ऑपरेशन जलंधर पंजाब के रूबी नेलशन अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. जैकब प्रभाकर की 25 सदस्यीय टीम कर रही है। हरियाणा के रोहतक शहर के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के नेत्र सर्जन डॉ. रमेश हुड्डा और डॉ. उमेद सिंह नेत्र रोगियों की जांच कर ऑपरेशन लायक मरीजों को चिन्हित करते हैं। सेवा के लिए यहां लखनऊ, गोरखपुर, दिल्ली, राजस्थान व कोलकाता जैसे शहरों से लोग अपना सारा कामकाज छोड़कर आए हैं। यहां दीवार, दरवाजा, खिड़की हर जगह राम ही राम लिखा दिखाई देता है। राम नाम की धुन में रोग हरण हनुमान के मंदिर में माथा टेक कर स्वास्थ्य लाभ के प्रति विश्वास व्यक्त करता है। फतेहपुर क्षेत्र के टीकापुर गांव के खलील अहमद व अनवर ने ऑपरेशन कराया है। खलील अहमद ने बताया कि दो साल पहले एक और अब दूसरी आंख का सफल ऑपरेशन हुआ। धमसड़ गांव की नूरजहां की आंख का नूर फिर लौटा। शह की राबिया ने बताया 12 साल पहले बाईं अब दाई आंख का ऑपरेशन हुआ। ग्वारी गांव की जन्नतुल ने बताया उनकी दूसरी आंख भी यहां बन गई। सीतापुर जिले के अटरिया की रामश्री, बिसवां की राजवती भी नेत्र ज्योति पाकर निहाल दिखीं। आश्रम के सेवादार मनीष मेहरोत्रा के अनुसार पिछले साल 3175 नेत्र ऑपरेशन हुए थे। इस बार चार हजार का लक्ष्य है। साढ़े पांच हजार लोगों ने पंजीकरण कराया है। 10 जनवरी तक नेत्र ऑपरेशन फिर 11 से 13 जनवरी तक हार्निया, हाईड्रोसिल आदि के ऑपरेशन होंगे। वर्ष 1981 से 2000 तक स्वामी राम दास जी ने शिविर आयोजित कराया। इसके बाद 2021 तक स्वामी राम ज्ञान दास ने बेहतर संचालन किया। अब श्रीराम वन कुटीर आश्रम ट्रस्ट के सेवादार प्रभुराम की कृपा से करा रहे हैं। कोलकाता से अपनी पत्नी मैना देवी के साथ शंकर लाल सोमानी, रामकिशन राठी, गोरखपुर के अशोक गुप्ता, लखनऊ की नीता गुप्ता, जिले की शशि निगम, मीना श्रीवास्तव, पूजा श्रीवास्तव, पूजा मेहरोत्रा, अमेठी की पारुल मौर्या, शुभि सिंह, लक्ष्मी गुप्ता, खुशबू व तौकीर आदि सेवा में जुटे हैं।