बाराबंकी में चार माह पहले शहर के कचरा निस्तारण प्लांट स्थल पर जहां कचरे के पहाड़ था, वहां अब जैविक खाद का पहाड़ दिखाई देने लगा है। निस्तारण प्लांट बद होने से करीब 64 हजार टन कचरा एकत्र हो गया था। लेकिन, अब वही कचरा तेजी से खाद में बदल रहा है। पिछले साल तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने धन की व्यवस्था कराकर इसका संचालन कराया था। संबंधित संस्था का अनुबंध समाप्त होने के बाद दोबारा दूसरी संस्था से अनुबंध करने को लेकर काफी राजनीति हो गई। इसलिए, दूसरी फर्म का चयन करने में कई तरह की रुकावटें आईं। अमर उजाला उजाला में 17 जून को वीडियो स्टोरी चलने के बाद डीएम ने 19 जून को कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया था। कचरे का ढेर देख डीएम दंग रह गए थे। 20 जून को फिर खबर प्रकाशित हुई। इसका असर यह रहा कि डीएम शशांक त्रिपाठी ने कचरा निस्तारण के लिए फर्म के अनुबंध में आने वाली सभी दिक्कतों को दूर कराया। प्लांट चला तो कचरे का पहाड़ तेजी से घटा है। जबकि, जैविक खाद का पहाड़ जैसा ढेर दिखाई दे रहा है। नगर पालिका परिषद के ईओ संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि अगले तीन माह में कचरे का निस्तारण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। जब यहां पहले से लगा कचरा निस्तारित हो जाएगा, तब यहां शहर के अलावा आसपास की नगर पंचायतों का कचरा लाया जाएगा। कचरे से प्लास्टिक को अलग रखा जा रहा है। इसका ईंधन के रूप में प्रयोग करने वाली फैक्टरियां खरीद लेंगी। कई हजार ईंट भी कचरा से निकला है। उसका उपयोग सड़क के नीचे कुटाई में आएगा।