बाराबंकी में इस समय गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी बीच शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई। जिले में इस बार करीब 1.90 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई है। बड़ी मात्रा में फसल कटकर खेतों में पड़ी है। ऐसे में बारिश होने की स्थिति में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कटे हुए गेहूं के भीगने से दाने काले पड़ने और वजन कम होने की आशंका है, जिससे बाजार में दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। मौसम में बदलाव के बाद किसान कटाई और मड़ाई का काम तेजी से निपटाने में जुट गए हैं। कई जगहों पर दिन-रात थ्रेसर चलाकर फसल सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ और बारिश बढ़ी, तो खेतों में पड़ी गेहूं की फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है।