बाबू हरीकांत स्मारक बाल भारती इंटर कॉलेज परिसर में मंगलवार को शास्त्रीय संगीत का अद्भुत आयोजन हुआ, जिसमें सारंगी और तबले की जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग, भातखंडे विश्वविद्यालय एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण विश्व विख्यात सारंगी वादक विदुषी गौरी बनर्जी सती और तबला वादक पंडित किशोर बनर्जी की प्रस्तुति रही। दोनों कलाकारों ने अपनी साधना और लय-ताल के अद्भुत समन्वय से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित छात्र-छात्राएं और अतिथि देर तक तालियां बजाते रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रबंधक डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं को भारतीय वाद्य यंत्रों और शास्त्रीय संगीत से जोड़ने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आवश्यक हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा स्पिक मैके के माध्यम से विद्यालयों और महाविद्यालयों में शास्त्रीय संगीत के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। विदुषी गौरी बनर्जी सती ने राग भैरवी, अहीर भैरव, ललित और देशकार जैसे रागों की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं ‘वंदेमातरम’ की धुन पर सारंगी और तबले की जुगलबंदी ने पूरे प्रांगण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, कॉलेज अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, प्रबंधक डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव, उप सचिव दिलीप कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने कलाकारों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और उपहार देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि बलरामपुर जैसे जनपद में विश्वस्तरीय कलाकारों की प्रस्तुति होना गर्व का विषय है और इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. विमल चन्द्र त्रिपाठी, संजय शुक्ला, राजन जायसवाल, डॉ. साधना श्रीवास्तव, डॉ. नीरजा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रधानाचार्य अनीता चौहान, सौरभ श्रीवास्तव, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, बृजेश, मनीष सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।