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VIDEO: नवोदय में उर्दू तो केंद्रीय व निजी विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत की होगी पढ़ाई

कक्षा छह में सीबीएसई बोर्ड की ओर से तीसरी भाषा को अनिवार्य किए जाने के बाद शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल के साथ ही निजी विद्यालयों में संस्कृत की पढ़ाई शुरू हो गई है। इसी तरह नवोदय विद्यालय ने उर्दू विषय चुना और केंद्रीय विद्यालय ने भी संस्कृत भाषा चुना है। नई व्यवस्था को लेकर छात्रों और शिक्षकों में उत्साह तो है लेकिन शुरुआती स्तर पर कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। छात्रों का कहना है कि अब तक वे मुख्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई करते आए हैं। ऐसे में संस्कृत एक नई भाषा होने के कारण शुरुआत में थोड़ी कठिन प्रतीत हो रही है। हालांकि, उनका मानना है कि नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन से यह धीरे-धीरे आसान हो जाएगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य आसिम रूमी ने बताया कि संस्कृत को देववाणी कहा जाता है और यह भाषा ध्वनियों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद सहित अनेक प्राचीन ग्रंथ संस्कृत में ही रचे गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण उल्लेख मिलते हैं।

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