छोटी-छोटी बातों से परिवारों के टूट रहे रिश्तों को परामर्श केंद्र जोड़ रहा है। महिला थाना में रविवार को पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने सुलह-समझौता के लिए सुझाव दिया। 13 में दो मामले निस्तारित हुए। पड़ोसी को भोजन दिया तो पति-पत्नी के बीच रिश्ता टूटने लगा। परामर्श केंद्र में समझाने पर मान गए। परिवार परामर्श केंद्र में आई 13 शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सभी मामले पति- पत्नी के बीच रहे, जो विवाद होने के बाद से अलग रह रहे हैं। सुनवाई के दौरान आठ मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान थाना महराजगंज तराई के एक मामले में अपने पड़ोस के परिवार को भोजन देने से परिवार अलग रहने लगा। समझाने के बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। शुक्रवार को विदाई तय की गई है। रविवार को परामर्श केंद्र में दोनों की साथ रहने की हाजिरी लगेगी। वहीं दूसरा मामला पत्नी की बीमारी का रहा। मायके वालों को इलाज कराने का सुझाव दिया गया। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, वंदना मिश्रा, तनवीरजहां, देवतादीन दुबे, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी, कांस्टेबिल ज्योति व मनीषा ने सुनवाई के दौरान आपस में मिलजुल कर रहने के तरीके बताए। साथ ही पति-पत्नी को समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए दोनोंं को एक साथ रहना चाहिए। 11 मामलों में दोनों पक्षों को बुलाने के निर्देश एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 11 मामलों में समझौता नहीं हाे सका, उन्हें आगे सुना जाएगा। छह मामलों में दोनों पक्ष आए, लेकिन निस्तारण नहीं हो सका। इन्हें बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। इसके अलावा जिन दो मामले में समझौता हुआ है, दोनों पक्ष की लिखा पढ़ी करा ली गई है। प्रत्येक 15 दिन में महिला थाने से इनकी खैरियत जानी जाएगी, जिससे दोबारा विवाद न होने पाए।