बिखरे परिवारों को जोड़ने में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र अपना अहम योगदान निभा रहा है। महिला थाने में रविवार को पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने पति-पत्नी के बीच सुलह-समझौता कराया। छह में से एक मामला निस्तारित हुआ। मोबाइल पर बार-बार बात करने से रिश्ता टूट रहा था, जो समझाने पर मान गए। परिवार परामर्श केंद्र में आई 17 शिकायतों के आधार पर दोनों पक्ष बुलाए गए थे। सभी मामले पति- पत्नी के बीच रहे। छोटे-मोटे विवाद होने के बाद से अलग रहने लगे थे। सुनवाई के दौरान छह मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। तुलसीपुर थाना का एक मामला ऐसा आया जिसमें पत्नी मोबाइल पर बार-बार बात कर रही थी। इसे लेकर पति को शक हो रहा था और पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। परामर्शदाताओं के समझाने के बाद दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, तनवीर जहां, वंदना मिश्रा, देवता दीन दुबे, महिला आरक्षी ज्योति व मनीषा वर्मा ने सुनवाई के दौरान पति-पत्नी को मिल-जुलकर एक साथ रहने के लिए राजी किया। पति-पत्नी को समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए दोनों को एक साथ रहना चाहिए। कहा कि बच्चों के भविष्य पर भी पारिवारिक विवाद का असर पड़ता है। 16 मामलों में दोनों पक्ष बुलाने के निर्देश एएसपी नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 16 मामलों में समझौता नहीं हो सका है, उन्हें आगे भी सुना जाएगा। छह मामलों में दोनों पक्ष आए, लेकिन पांच का निस्तारण नहीं हो सका है। इन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। इसके अलावा जिस मामले में समझौता हुआ है, उसमें दोनों पक्षों से लिखापढ़ी करा ली गई है। 15 दिन के बाद महिला थाने से इनकी खैरियत जानी जाएगी, जिससे दोबारा विवाद न होने पाए।