बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन एनएच-727बी बाईपास पर शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब करमौता और भांटी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों की मांग की कि उनके पारंपरिक आवागमन के रास्ते को बहाल रखने के लिए वहां अंडरपास का निर्माण कराया जाए। निर्माण एजेंसी की ओर से करमौता से भांटी के बीच पुराने संपर्क मार्ग को बंद करने की तैयारी की जा रही थी। जैसे ही यह खबर ग्रामीणों तक पहुंची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष निर्माण स्थल पर जमा हो गए और जेसीबी मशीनों के आगे खड़े होकर काम बंद करा दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि यह मार्ग उनके दैनिक जीवन की जीवनरेखा है। खेतों तक जाने, बाजार पहुंचने और बच्चों के स्कूल जाने का यह एकमात्र सुगम रास्ता है। ग्रामीण अमरनाथ राम ने बताया कि इस संबंध में पहले भी जिलाधिकारी और एनएच अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि पारंपरिक मार्ग को बंद किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में एनएच अधिकारी राहुल सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। राहुल सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित न हो। उचित समाधान निकालने के वादे के बाद ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से अमरनाथ, उदयभान, स्वामीनाथ खरवार, शैलेश, राम बहादुर, पप्पू कुमार, सतीश, अभिनंदन, राधेश्याम के साथ-साथ इंदु देवी, सुनीता देवी, भागमती, मीरा, सीमा, रेनू और अर्चना सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण शामिल रहे।