बलिया जिले में बैरिया तहसील क्षेत्र के धूपनाथ के डेरा (वशिष्ठ नगर) से सरयू नदी की लहरें धीमी कटान कर गोपालनगर-वशिष्ठ नगर सिवान पर तेजगति से उपजाऊ भूमि के निगलते हुए गोपाल नगर टाड़ी में कहर बरपाती हुई शिवाल, अधिसीझुवा, चाई छपरा होते हुए बकुलहा तक 15 किमी की दूरी में हर रोज सैकड़ों हेक्टेयर उपजाऊ भूमि को निगल रही है। हर साल किसान भूमिहीन हो रहे हैं। सबसे अधिक खतरा वशिष्ठ नगर-गोपालनगर सिवान पर हो रही कटान से है। यहां की कटान से दोनों गांवों की दूरी महज 50 मीटर की दूरी पर रह गई है। समय रहते शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दिया तो करीब 500 लोगों के आशियानों को सरयू नदी के निगलने से कोई रोक नहीं सकेगा। सरयू नदी के कटान को देख बेचारे किसान मजबूर होकर कभी सरयू नदी की लहरों को निहार रहे हैं, तो कभी आसमान को निहार रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि धूप नाथ के डेरा वशिष्ठ नगर से सरयू नदी में कटान शुरू है। गोपाल नगर वशिष्ठ नगर के सीमा पर कटान काफी तेज हो गया है। यहां बस्ती से महज 50 मीटर की दूरी पर सरयू नदी की धारा आ गई है। कभी भी इस गांव की आबादी को सरयू नदी निगलना शुरू कर सकती हैं। लगभग यही स्थिति सिवाल मठिया गांव के सामने की है। वशिष्ठ नगर के राजू सिंह, धनंजय सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, गोपाल नगर के शिव मुनि यादव, लालजी सिंह, सुनील यादव, राहुल यादव, उमेश सिंह, हरिशंकर सिंह सहित दर्जनों लोगों का मकान कटान के मुहाने पर पहुंच चुका है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन का ध्यान अपेक्षित करते हुए तत्काल कटान से रक्षा के लिए जरूरी उपाय करने की गुहार लगाई है। उक्त गांव के कटान पीड़ित क्षेत्रीय विधायक व सांसद पर समस्या की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कटान पीड़ितों के साथ दोनों नेता मजबूती से नहीं खड़े हैं।