बलिया जिले में मानकों को ताक पर रख कर अनुज्ञापियों द्वारा शराब की नई दुकानें खोलने को लेकर दूसरे दिन भी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। नगर के कासिम बाजार में मंदिर व राजकीय पुस्तकालय के समीप शराब की दुकान खोलने को लेकर मोहल्ला वासियों ने क्रमिक अनशन आरंभ दिया। इस दौरान नेतृत्व कर रहे सागर सिंह राहुल ने मांग किया कि यदि शराब की कंपोजिट दुकान हटाने में प्रशासनिक अधिकारी अक्षम है तो वहां से मंदिर और राजकीय पुस्तकालय को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाए। कहा कि मंदिर को हटा दें और मूर्ति को विसर्जित कर दें। कहा कि शराब की दुकान के पास श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय पुस्तकालय है, जो शासनादेश के खिलाफ है। कहा कि मांगे पूरी होने तक अनशन बदस्तूर रहेगा। इस मौके पर सुशील कुमार, मंटू लाल श्रीवास्तव, गोपाल कृष्ण, मुनु गिरी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता आदि रहे। शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत कोट अंजोरपुर में देसी शराब की दुकान खोलने को लेकर विवाद बढ़ गया है। गांव की महिलाओं और पुरुषों ने बीते दिन इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी। जब ठेकेदार द्वारा अंजोरपुर में दुकान खोलने पहुंचे तो सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण उषा राय सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि गांव के पास शराब की दुकान खुलने से महिलाओं और युवतियों को परेशानी होगी और महिला अपराध में बढोत्तरी होगी। इस मौके पर सुमन मिश्रा ग्राम प्रधान मझरिया कोट, विनोद राय ग्राम प्रधान अजोरपुर, अशोक चौहान ग्राम प्रधान भिखारीपुर, फतेह राय निवासी मझरिया, लल्लन राय, राजेश यादव पूर्व प्रधान अजोरपुर, स्वामी नाथ यादव पूर्व प्रधान मझरिया कोट, अशोक राय पूर्व प्रधान अजोरपुर, मरक्षिया देवी,गीता देवी, निभा देवी आदि मौजूद रहे। शराब की दुकान के विराध में एसडीएम को सौंपा पत्रक रिहायशी आबादी व तहसील परिसर के समीप कंपोजिट शराब की दुकान खोलने के विरोध में बुधवार को अधिवक्ताओं व ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार को पत्रक सौंपा। जिसमें शराब की दुकान अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई है। पत्रक में उल्लेख है कि शराब की दुकान बलिया सोनौली स्टेट हाई वे- 727 बी के किनारे खोली गई है। जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि शराब की दुकान हाई वे के किनारे नहीं खोली जाएगी। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएचओ विकास चंद पाण्डेय को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पत्रक देने वालों में लाल बाबू मिश्रा, सुग्रीव वर्मा, सुरेश शर्मा, राजू पाण्डेय, बीके श्रीवास्तव, शंकर पाण्डेय, रामाशंकर यादव आदि शामिल रहे।