यूपी व बिहार प्रांत को जोड़ने वाले शिवरामपुर घाट पर बने जनेश्वर मिश्र सेतु मार्ग पर बना गड्ढा खतरनाक हो गया है। जिससे आने-जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी पूर्ण रूप से चालू होने से पहले ही सेतु मार्ग के टूटने से कई तरह के सवाल खड़े होने लगे है। लगभग 4.42 अरब रुपये की लागत से तैयार इस सेतु पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो काफी खतरनाक हो गए है। सेतु के चालू न होने से अभी व्यक्तिगत व छोटे मालवाहकों का आवागमन होता है लेकिन गड्ढे जानलेवा बनते जा रहे है। गंगा नदी पर बने इस पुल की लंबाई 2.5 किलोमीटर है। उत्तर दिशा में संपर्क पथ की लंबाई लगभग 3.5 किलोमीटर है, जो गाजीपुर-हाजीपुर एनएच-31 में मिलती है। दक्षिण में संपर्क पथ की लंबाई 1.8 किलोमीटर है, जो शिवपुर दियारा में मिल जाती है। सेतु का निर्माण कार्य 2019 में पूरा हो गया था, लेकिन दक्षिण क्षेत्र का एप्रोच रोड का निर्माण अधूरा होने के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। सेतु मार्ग पर गड्ढे से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा होने लगा है। इस पुल के पूर्णतया चालू होने के बाद पटना की दूरी काफी कम हो जाएगी। इस पुल से डुमरी, काजीपुर, बड़का सिंहनपुरा, खरहाटांड़, एकौना, सहियार, नियाजीपुर, राजपुर कला, चक्की, सिमरी, गंगौली, राजापुर, जवहीं दियर, राजपुर परसनपाह, केशोपुर, आशा पड़री, अरक, चन्दा, गायघाट, बलुआं, निमेज, नैनीजोर, महुआर, ईश्वरपुरा, चन्द्रपुरा सहित सिमरी, ब्रह्मपुर व डुमरांव प्रखंड के दर्जनों गांव सीधे तौर पर लाभांवित होते है। जनेश्वर मिश्र सेतु पर बने गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी। इसकी योजना बनाई गई है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा। - केशरी प्रकाश, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड।