बलिया में बैरिया तहसील के न्यायालयों से मुकदमों की पत्रावलियों को गायब होने, तहसीलदार न्यायालय की कुर्सी खाली रहने, समय से न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं किए जाने, तहसील परिसर में महीनों से बंद पड़ी आरओ मशीन और तहसील भवन के भीतर व बाहर बंद पड़े शौचालयों को ठीक करने की मांग को लेकर समाजसेवी प्रशांत उपाध्याय के नेतृत्व में मंगलवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर गए। पूर्व विधायक स्व. मैनेजर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सैकड़ों लोगों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर एक किमी तक जुलूस निकालकर तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां तहसील बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मदन वर्मा, तहसील अध्यक्ष उमेश सिंह, चंद्रशेखर यादव, जाकिर हुसैन आदि अधिवक्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। तहसील न्यायालयों के पीठासीनों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह तहसील में उपस्थित नहीं थे। एसडीएम न्यायिक पहले ज्ञापन लेना नहीं चाहते थे। इससे आंदोलित युवाओं में आक्रोश बढ़ गया। युवाओं ने कहा कि जब तक हमारा पत्रक एसडीएम लेंगे नहीं हम उनकी गाड़ी के सामने बैठ जाएंगे। उसके बाद जब तक जिलाधिकारी आएंगे नहीं तब तक धरने से उठेंगे नही। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी न्यायिक निशांत उपाध्याय को सौंपा गया। ज्ञापन में आंदोलित युवाओं ने चेताया कि सात अक्टूबर तक अगर सभी समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो तहसील प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। आमरण अनशन तक किया जाएगा। इसके जिम्मेदार तहसील के अधिकारी होंगे। प्रदर्शन में रजनीकांत, ओमप्रकाश सिंह, अजय सिंह, मन्नू मिश्रा, संजय यादव, नितेश सिंह, अमित तिवारी, दुर्गविजय सिंह, लालबहादुर सिंह, विवेक सिंह मौजूद रहे।