बलिया जिले में विद्युत उपकेंद्र टकरसन के अंतर्गत फीडर नंबर एक क्षेत्र के उपभोक्ताओं के सब्र का बांध शनिवार को टूट गया। आए दिन होने वाली बिजली कटौती और जर्जर केबल की समस्या को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता विनोद जायसवाल से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। उपभोक्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि बिशुनपुरा-बघौली गांव के समीप रेलवे लाइन के नीचे से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की केबल लगभग 60 वर्ष पुरानी हो चुकी है। जर्जर स्थिति और पानी के सीड़न के कारण यह केबल आए दिन फॉल्ट हो जाती है। जब भी केबल जलती है, विभाग केवल मरम्मत (पैच वर्क) कर काम चला देता है, जो कुछ ही घंटों बाद फिर खराब हो जाती है। इस बार-बार होने वाले फॉल्ट के कारण क्षेत्र के करीब 20 गांवों की विद्युत आपूर्ति घंटों और कभी-कभी दिनों तक ठप रहती है। मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अधीक्षण अभियंता विनोद जायसवाल ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने टकरसन फीडर के जूनियर इंजीनियर को निर्देशित किया कि उक्त केबल की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति रिपोर्ट शनिवार को ही उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन देने पहुंचे आशीष प्रताप सिंह, पिंकू सिंह, रवि कुमार, संजय सिंह और पवन आदि ने स्पष्ट कहा कि वे पिछले कई वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 10 दिनों के भीतर नई केबल नहीं बिछाई गई, तो होने वाले आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।