बहराइच शहर की पौराणिक सरयू नदी को स्वच्छ और पवित्र बनाने के उद्देश्य से मां सरयू नदी पुनरोद्धार समिति ने सोमवार को झिंगहाघाट पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने घाट पर एकत्र होकर मां सरयू की आरती उतारी और नदी की सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला संयोजक धनंजय सिंह ने बताया कि पर्व और मेलों के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन पिछले कई वर्षों से सरयू की नियमित सफाई नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि नदी के कई हिस्से सिल्ट और जलकुंभी से पट गए हैं, जबकि मिलों और शहरों के गंदे नाले सीधे नदी में गिर रहे हैं, जिससे जल प्रदूषित हो गया है। इसके कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है और नदी धीरे-धीरे नाले का रूप लेती जा रही है। समिति ने घोषणा की कि स्वयंसेवक नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएंगे और नदी के पुनरोद्धार के लिए जनआंदोलन भी करेंगे। साथ ही प्रशासन से मांग की गई कि नदी में गिर रहे नालों पर जल शोधन संयंत्र लगाए जाएं और जमा सिल्ट को हटाकर नदी के प्रवाह को बनाए रखा जाए। इस अवसर पर अजय, अरविंद सेंगर, रामकिशोर गुप्ता, आयुष जायसवाल, सूर्य प्रताप सिंह, हेमा निगम, रंजीता वाल्मीकि, बेबी श्रीवास्तव, किरन मिश्रा, विपिन, चंद्रिका प्रसाद गुप्ता, पंकज केवट और सुनील पाल सहित समिति के कई सदस्य मौजूद रहे।