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VIDEO: भारत-नेपाल सीमा पर त्योहार को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा, रोजाना 1 लाख से अधिक लोगों का आवागमन

रुपईडीहा (बहराइच)। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन करने वाले नागरिकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा पर सुरक्षा का दायरा और कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सशस्त्र सीमा बल (SSB), पुलिस बल और गुप्तचर एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से संभाली जा रही है। रूपईडीहा सीमा चौकी पर तैनात एसएसबी 42वीं वाहिनी के जवान प्रतिदिन आने-जाने वाले नागरिकों की सघन जांच और छानबीन कर रहे हैं। अधिकारियों की देखरेख सीमा पर सुरक्षा प्रबंधन सहायक कमांडेंट अभिषेक कुमार व इंस्पेक्टर ऋतुराज के नेतृत्व में किया जा रहा है। वहीं रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत भी नियमित रूप से सुरक्षा कर्मियों के साथ गश्ती कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भारी संख्या में आवागमन त्योहारी खरीदारी और धार्मिक आयोजनों के कारण सीमा पर आवागमन में भारी वृद्धि हुई है। अनुमान के अनुसार, रोजाना लगभग 50,000 लोग नेपाल से भारत और लगभग इतनी ही संख्या में भारत से नेपाल की ओर जा रहे हैं। यानी कुल मिलाकर एक लाख से अधिक लोगों का आवागमन हो रहा है। जांच और सुरक्षा उपकरण भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए एसएसबी द्वारा स्कैनर, डॉग स्क्वॉड, सीसीटीवी कैमरे और दस्तावेज जांच की सख्त व्यवस्था की गई है। आईडी कार्ड व संबंधित प्रपत्रों की गहन जांच की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नेपाल की ओर से मुस्तैदी नेपाल की ओर एपीएफ (आर्म्ड पुलिस फोर्स) के जवान आवागमन करने वाले नागरिकों की जांच कर रहे हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां – एसएसबी और एपीएफ – संयुक्त रूप से गश्त भी करती हैं, जिससे सीमा पर हर गतिविधि पर पैनी निगरानी बनी रहती है। हालिया घटनाक्रम गौरतलब है कि विगत दिनों जेनजी आंदोलन के दौरान नेपाल से फरार हुए चार कैदियों को पकड़कर नेपाल पुलिस को सौंपा गया था। इस घटना के बाद से ही सीमा पर सुरक्षा और ज्यादा कड़ी कर दी गई है।

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