रुपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा पर हालात सामान्य होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रौनक लौट आई है। नेपालगंज, बांके में नवरात्रि, दशहरा और भाईदूज पर्व को लेकर सीमा के दोनों ओर पर्यटन और व्यापार में तेजी देखी जा रही है। जमुनहा, नेपालगंज बांके के दुकानदार प्रभात मिश्रा और मनोज कुमार ने बताया कि बागेश्वरी मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि व्यापार में भी वृद्धि की उम्मीद है। नेपाल के प्रमुख पर्वों में दशई (दशहरा) का विशेष महत्व है। इस पर्व को मनाने के लिए नेपाली प्रवासी मजदूर और कामकाजी लोग अपने घर नेपालगंज लौटते हैं। बागेश्वरी मंदिर में दर्शन और मनोकामना पूर्ति के लिए बहराइच, श्रावस्ती, भिनगा, लखनऊ, कानपुर, गोंडा समेत विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग पूजा-अर्चना, मनौती और मुंडन जैसे धार्मिक कार्य भी करते हैं। रूपईडीहा सीमा के मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई मूर्तियां नेपाल के विभिन्न हिस्सों में जाती हैं, जहां पूजा-अर्चना के बाद उन्हें विधि-विधान से राप्ती नदी में विसर्जित किया जाता है।