बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा। बुधवार रात आजमगढ़ पुरवा गांव में पहुंचे 25 हाथियों का झुंड चेन लिंक फेंसिंग तोड़कर खेतों में घुस गया। झुंड ने उत्पात मचाते हुए करीब 20 किसानों की कई बीघे गेहूं की फसल बर्बाद कर दी। एक गजमित्र केा दौड़ा लिया उसने भाग कर जान बचाई। पीड़ित किसान सियाराम, राधेश्याम, रमेश मौर्य, सुरेश मौर्य, शिवचंद्र, जोखन, मीरा देवी, सरिता देवी, रामनिवास, मंगली, हरिलाल, बेचू, दीपू सिंह, त्रिवेणी, बृजनाथ, श्यामजीत और दुर्गावती समेत अन्य शामिल हैं। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया खेतों में अब सिर्फ रौंदी हुई बालियां और हाथियों के पैरों के गहरे निशान बचे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि रात में पेट्रोलिंग कर रहे गजमित्र रमेश मौर्य को भी हाथियों ने दौड़ा लिया। किसी तरह भागकर उन्होंने जान बचाई। गजमित्र जयनारायण, सुरेश मौर्य, श्यामजीत, अभय पांडेय, रंभा देवी और विनीता देवी का कहना है कि टीम पूरी रात पेट्रोलिंग करती है, लेकिन झुंड बार-बार लौट आता है। गांव में दहशत है और लोग रातभर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। रेंजर सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गजमित्रों की टीम अलर्ट पर है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।