बहराइच (रूपईडीहा): भारत-नेपाल सीमा मित्र राष्ट्रों की खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। सीमा के समानांतर बनी सड़क से भारत और नेपाल को जोड़ने वाले कई पगडंडी मार्ग निकलते हैं,जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार तस्कर, अवैध रूप से सीमा पार करने वाले तथा संदिग्ध तत्व अक्सर इन्हीं पगडंडी मार्गों का इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी नेपालगंज से रूपईडीहा में बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि सुरेश कुमार पाठक स्थानीय निवासी यू एस सिटीजन को मोटरसाइकिल से पगडंडी वाले रास्तों के जरिए भारतीय सीमा में लाने की कोशिश कर रहा था,जो अमेरिकी नागरिक था, जिसके पास भारत में प्रवेश के लिए वैध वीजा नहीं था। हालांकि, एसएसबी की सतर्क निगरानी और रुपईडीहा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई के चलते सभी संदिग्धों को सीमा पर ही पकड़ लिया गया और उनकी योजना विफल हो गई। कमांडेंट गिरीश चंद्र पांडे का बयान 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट गिरीश चंद्र पांडे ने बताया कि रुपईडीहा सीमा चौकी के अलावा भारत-नेपाल सीमा पर कई नाका एवं सीमा चौकियां स्थापित की गई हैं। इन स्थानों पर जवान लगातार निगरानी रखते हैं, जहां छोटे-छोटे संपर्क मार्ग दोनों देशों को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों,ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों जैसी आवश्यक आवाजाही को छोड़कर किसी भी बाहरी व्यक्ति को पगडंडी मार्गों से सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाती। ऐसे सभी लोगों को निर्धारित रुपईडीहा सीमा चौकी अधिकृत मार्ग से ही आवागमन करना होता है। कमांडेंट ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा काफी लंबी है, फिर भी एसएसबी ने रणनीतिक स्थानों पर सीमा चौकियां और निगरानी व्यवस्था स्थापित कर सुरक्षा को मजबूत बनाया है। जवान 24 घंटे सतर्क रहते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ, तस्करी या संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। समय समय पर रूपईडीहा पुलिस, एवम् अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त रूप से गश्ती भी की जाती है।