कतर्नियाघाट के ककरहा वन रेंज में तेंदुए की दहशत अब आबादी से निकलकर खेतों तक पहुंच गई है। मंझरा गांव में महज 24 घंटे के भीतर तेंदुए ने पहले घर के बाहर बैठे आठ वर्षीय बालक और फिर खेत की ओर जा रहे किसान पर हमला कर दिया। दोनों घटनाओं में पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ उन्हें छोड़कर भाग निकला। दोनों घायलों को सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत है और लोग खेतों की ओर जाने से भी डरने लगे हैं। मंझरा के प्रधानपुरवा निवासी सुरेश यादव का आठ वर्षीय पुत्र शुभम मंगलवार रात करीब आठ बजे घर के बाहर परिजनों के साथ बैठा था। इसी दौरान अंधेरे में घात लगाए तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया। परिजनों ने शोर मचाते हुए तेंदुए का सामना किया। आसपास के ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। भीड़ और शोर से तेंदुआ बालक को छोड़कर खेतों की ओर भाग गया। घायल शुभम को सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया। वन विभाग ने उसके परिवार को दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। दूसरी घटना बुधवार दोपहर करीब तीन बजे हुई। मंझरा ग्राम पंचायत के ही सहजरामपुरवा निवासी किसान जगदीश (57) पुत्र हरद्वारी खेत की ओर जा रहे थे। खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। जगदीश के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे किसान लाठी-डंडे लेकर दौड़े तो तेंदुआ भाग निकला। घायल किसान को सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया। वन विभाग ने परिवार को एक हजार रुपये की सहायता दी। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि किसान पर हमले की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई है। ग्रामीणों को अकेले खेतों की ओर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए निगरानी, कैमरा और पिंजरे लगाने की मांग की है।