लालगंज में रेलवे लाइन की वर्षों पुरानी मांग को लेकर शनिवार को जनआक्रोश और जनसमर्थन का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। रेल पथ निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक राजेश शुक्ला के आह्वान पर सैकड़ों लोगों ने देवगांव से लालगंज तक पैदल रेल पथ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत देवगांव स्थित बुढ़ऊ बाबा मंदिर से हुई, जहां से लोग पैदल चलते हुए जीवली नहर तक पहुंचे। इसके बाद सभी प्रतिभागी वाहनों से लालगंज पहुंचे और एक ढाबे के पास से पुनः पैदल मार्च शुरू कर लालगंज बाजार होते हुए मसीरपुर तिराहे तक पहुंचे। पूरे मार्ग में ‘लालगंज को रेल से जोड़ो’ और ‘जब तक रेल नहीं, संघर्ष जारी रहेगा’ जैसे नारों से क्षेत्र गूंजता रहा। लोगों के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर रेलवे लाइन की मांग प्रमुखता से लिखी गई थी। मार्च के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। चौकी प्रभारी रविंद्र पांडे अपनी टीम के साथ पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे। मसीरपुर तिराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। इसे चार चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा, पहले चरण में पैदल मार्च से जनजागरण, दूसरे में गांव-गांव चौपाल, तीसरे में प्रधानमंत्री को पत्र और अंतिम चरण में संसद तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। अधिवक्ता संतोष राय ने कहा कि अधिवक्ता संघ भी इस जनहित के मुद्दे पर पूरी मजबूती से साथ है। विधायक बेचई सरोज ने भरोसा दिलाया कि इस मांग को हर स्तर पर उठाया जाएगा। सपा नेता राजनारायण यादव ने भी संघर्ष को जारी रखने की बात कही। इस दौरान अमरनाथ सिंह, उद्धव सिंह सोनू, शरद यादव, समर बहादुर सिंह, डब्बू बाबा, सोनू तिवारी, बलेंद्र तिवारी, रितेश सिंह, सूरज सिंह, गौरव कुमार रघुवंशी, सुशील यादव, पवन यादव, डॉ. प्रमोद सरोज, कमलेश पाल, प्रवेश राय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।