नगर क्षेत्र के हीरापट्टी वार्ड और बलरामपुर में सीवर लाइन बिछाने और घरों को जोड़ने के नाम पर सड़कों को तोड़ दिया गया। सड़कों को तोड़ने के बाद कार्यदायी संस्था ने गिट्टी और मिट्टी डालकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। एक साल बीत गए और तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं किया गया। इसके कारण लोग हिचकोले खाने को विवश हैं। गांवों में जल जीवन मिशन तो शहरी क्षेत्र में सीवर पाइप लाइन लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। क्योंकि इन्हें बिछाने के दौरान जो सड़कें तोड़ी गईं उनकी मरम्मत कराना कार्यदायी संस्था भूल गई। इसका परिणाम है कि लोग इन रास्तों पर हिचकोले खाते ही आवागमन करने को विवश हैं। बताते चलें कि शिब्ली चौराहे से हरिऔध नगर को जाने वाला मार्ग लगभग 10 सालों से खराब था। काफी मांग के बाद जब रोड की मरम्मत कराई गई तो बनने के लगभग तीन से चार माह बाद ही सीवर लाइन बिछाने के नाम पर इसे तोड़ दिया गया। कार्यदायी संस्था ने अपना काम पूरा कर लिया और चलती बनी। बरसात के सीजन में सड़क जगह-जगह से धंसने लगी तो कार्यदायी संस्था ने इस पर भस्सी डाल दिया और कहा कि बरसात के बाद इसका निर्माण करेगी। यहीं हाल लक्षिरामपुर से बलरामपुर मार्ग को जाने वाली सड़क का था। बरसात के साथ ठंडी का सीजन भी बीत गया और दोनों मार्ग उसी तरह से पड़े हुए हैं। इससे गर्मी शुरू होते ही चलने वाली हवाओं के कारण उड़ती धूल लोगों को परेशान करने लगी है। लोगों सड़क पर पानी छिड़ककर धूल को उड़ने से रोकने का प्रयास करते हैं।