राम मंदिर दान प्रकरण में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा कि दान राशि की गणना और उसे बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बैंक की थी, जिसके लिए ट्रस्ट और बैंक के बीच औपचारिक समझौता हुआ था। उन्होंने बताया कि बैंक ने यह कार्य आउटसोर्स कर्मचारियों से कराया और प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी उन्हीं के स्तर पर सामने आई है। ट्रस्ट का इस कथित हेराफेरी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि दान राशि की गणना सुरक्षित कक्ष में अधिकृत कर्मचारियों की मौजूदगी में होती थी तथा ट्रस्ट के प्रतिनिधि भी निगरानी करते थे। हालांकि निगरानी में कुछ कमी का लाभ आरोपियों ने उठाया। गिरफ्तार आरोपियों में ट्रस्ट की ओर से निगरानी कर रहे सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल हैं।