राजस्थान के जोधपुर स्थित महर्षि संदीपन गोशाला से सात कलशों में भरा शुद्ध देसी घी अयोध्या पहुंचा। लगभग 1300 किलोमीटर की धार्मिक यात्रा पूरी कर पहुंचे ये कलश श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे गए। घी को सौंपते हुए संत संदीपन ने बताया कि गोशाला में पाली गई देसी गायों के दूध से तैयार यह घी केवल आस्था ही नहीं, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं का भी प्रतीक है। यह घी रामलला के भोग, आरती और विभिन्न दिव्य अनुष्ठानों में उपयोग किया जाएगा। संदीपन ने कहा कि महर्षि संदीपन गोशाला हमेशा से धार्मिक सेवाओं और संकल्पों में अग्रणी रही है। इससे पहले भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान गोशाला की ओर से 600 किलो शुद्ध घी रथ के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था, जिसे ट्रस्ट को समर्पित किया गया था। उसी घी से आज भी रामलला के भोग, राग सेवाएं और अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है। उन्होंने बताया कि यह सेवा केवल एक बार की नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली है। मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद भी रामलला के लिए शुद्ध देसी घी भेजने की परंपरा जारी रहेगी। गोसेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति से प्रेरित यह पहल अयोध्या में रामलला की सेवा में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है।