रामनगरी इस बार नवरात्र में एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य का साक्षी बन रही है। फतेहगंज स्थित राम जानकी मंदिर में नवरात्र के अवसर पर आदि योगी शिव की भव्य झांकी की धूम है। यह झांकी तमिलनाडु के कोयंबटूर में सद्गुरु जग्गी वासुदेव की ओर से स्थापित आदि योगी शिव की प्रतिमा की तर्ज पर बनाई गई है। नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। झांकी में शिव के प्रथम योगी स्वरूप को प्रस्तुत किया गया है, जो योग और आंतरिक कल्याण का संदेश देता है। दक्षिण भारत की सिद्ध परंपरा में गोरखनाथ को भी उन 18 सिद्धों में गिना जाता है, जिन्होंने शिव से शिक्षा प्राप्त कर योग के मार्ग को अपनाया। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए झांकी का निर्माण किया जा रहा है। कोयंबटूर में स्थापित 112 फीट ऊंची आदि योगी प्रतिमा विश्व भर में प्रसिद्ध है। उसी तर्ज पर अयोध्या के राम जानकी मंदिर में यह झांकी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। नवरात्र के दौरान भक्तों को भक्ति, योग और आध्यात्मिक साधना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।