सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तारुन पर सोमवार दोपहर करीब दो बजे आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मानदेय और विभिन्न सरकारी योजनाओं के भुगतान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित आशा बहुओं ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आशा बहूओ ने मीटिंग कक्ष में बाहर से ताला बंद कर दिया। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, फाइलेरिया, कुष्ठ रोग और पोलियो अभियान सहित कई मदों का भुगतान महीनों से लंबित है। आर्थिक तंगी के चलते उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।अधीक्षक डॉ अंशुमान गुप्ता के साथ धरना स्थल पर पहुचकर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं को समझाया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन में रिकी सिंह, सरिता सिंह, बिंदु सिंह, इंद्रावती मौर्या, शीला वर्मा, मीरा देवी, संगीता, प्रभाती, कुसुम देवी, आशा पाण्डेय, अनीता पाण्डेय, गीता देवी, साधना, कविता, माया, शर्मिला वर्मा, संतोष यादव, सज्जा देवी, काशी कली, गायत्री गिरि, लक्ष्मीना, गीता वर्मा, अधिनाय, पुष्पा तिवारी, विनीता पाण्डेय, मिरेश यादव, जानकला और कुसुमावती सहित कई आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं। अधीक्षक डॉ अंशुमान गुप्ता ने बताया कि सभी भुगतान की मांग करके बजट प्राप्त होते ही जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। इस संबंध में सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटोरिया ने बताया कि भुगतान को लेकर कुछ गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि मार्च माह का भुगतान अप्रैल में किया जाना सामान्य प्रक्रिया है और पूरे जनपद में इसी प्रकार भुगतान होता है।