आज छह दिसंबर है, वही तारीख जब 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी। इस ऐतिहासिक और संवेदनशील घटना को आज 33 साल पूरे हो गए हैं। समय के साथ लोग इस दिन को भूलते जरूर जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली विस्फोट और टीएमसी के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर के हालिया बयान के चलते अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर सजग और सतर्क कर दिया गया है। हालांकि इन सबके बीच अयोध्या अपनी सामान्य लय में चल रही है। श्रद्धालु सरयू स्नान के साथ रामलला के दर्शन-पूजन में जुटे हैं। दुकानों और गलियों में रोजमर्रा की गतिविधियां जारी हैं और शहर अपनी रौनक में नजर आ रहा है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। अयोध्या के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आधुनिक संचार उपकरणों से निगरानी बढ़ाई गई है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है। कुल मिलाकर छह दिसंबर की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, लेकिन शहर राम धुन में सामान्य दिनों की तरह आस्था के पथ पर आगे बढ़ रहा है।