गुप्तारघाट से राजघाट तक बन रहे लगभग नौ किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ परियोजना की जद में आए जमथरा माझा के करीब 250 निषाद परिवारों ने पुनर्वास की मांग उठाई है। निषाद समुदाय के प्रतिनिधि संतोष निषाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों का कहना है कि वे 60-70 वर्षों से सरयू किनारे रह रहे हैं, लेकिन अब निर्माण कार्य के चलते बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। परिवारों ने प्रशासन से पहले वैकल्पिक जमीन और मकान उपलब्ध कराने की मांग की है। महिलाओं ने कहा कि बिना पुनर्वास हटाए जाने से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।