नगर निगम क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था की बदहाली को लेकर सोमवार को पार्षदों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वार्ड संख्या-51 अशोक सिंघल नगर के पार्षद अंकित त्रिपाठी, पार्षद सुल्तान अंसारी, पार्षद अनूपश्रीवास्तव, प्रिया शुक्ला समेत कई पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर सफाई व्यवस्था में भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया। बाद में अपर नगर आयुक्त के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद धरना समाप्त करा दिया गया। पार्षदों ने नगर आयुक्त को संबोधित ज्ञापन में आरोप लगाया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य कई वार्डों में पूरी तरह ठप है। कर्मचारियों के लगातार अनुपस्थित रहने से नियमित कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा है। कूड़ा ढोने वाले ठेले जर्जर हो चुके हैं तथा डस्टबिन टूटे होने के कारण सड़क पर गंदगी फैल रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई महीनों से स्वीपिंग मशीनें बंद पड़ी हैं, बावजूद इसके उनका पूरा भुगतान किया जा रहा है। पार्षदों ने रामपथ पर सफाई कार्य और भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच कर धन की रिकवरी की मांग की। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के अनुसार पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती न होने का भी मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि रामपथ और धर्मपथ की सफाई के लिए दो अलग-अलग फर्मों को भुगतान किया जा रहा है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सूखा और गीला कचरा अलग-अलग न उठाए जाने पर भी नाराजगी जताई। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नगर निगम मुख्यालय पर ताला बंदी कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हालांकि अपर नगर आयुक्त की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हो गया।