रामनगरी अयोध्या में सरयू उफान पर है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। बाढ़ से बचाव के लिए चल रही पांच परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया है। सदर, रुदौली और सोहावल तहसील के 18 गांव की सुरक्षा के लिए 14 बाढ़ शरणालय और 12 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जल पुलिस ने 150 नावों को चिन्हित किया है जो बाढ़ के दौरान बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और लंच पैकेट के वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। पिछले वर्ष अयोध्या में बाढ़ ने 14 गांवों को प्रभावित किया था। सोहावल तहसील का माझा कला गांव, रुदौली का कैथी माझा और सदर तहसील के पूरा बाजार के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में सबसे ज्यादा आए थे। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने सदर तहसील के रामपुर पुवारी माझा का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ से संबंधित अधिकारी और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। स्वास्थ्य विभाग ने भी 35 चिकित्सा टीम और पशु चिकित्सा विभाग ने भी 21 टीमें तैनात करने की तैयारी की है। यह टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करेंगी। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि जनपद की तीन तहसील सदर, सोहावल और रुदौली के 18 गांव प्रभावित होते हैं। जो भी तटबंध बनाए गए हैं, वह सुरक्षित हैं। बाढ़ से बचाव और सुरक्षा की पांच परियोजनाएं पूरी हो गई हैं ।