वक्फ संशोधन कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अंतरिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूरे कानून पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कानून पर केवल दुर्लभतम मामलों में ही रोक लगाई जा सकती है। हालांकि कुछ धाराओं पर रोक लगाई है। इस संबंध में अयोध्या के हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत है। कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल का कुछ कुंठित मानसिकता के लोग ही विरोध कर रहे हैं। वक्फ संशोधन बिल के माध्यम से पारदर्शिता लाई गई है। इससे पिछड़े और वंचित समाज के मुसलमानों को भी लाभ मिलेगा। अब भारत के संविधान के अनुरूप ही कार्य हो पाएगा। पहले वक्फ बोर्ड में आपत्ति करने वाले के पास ही अर्जी लेकर जाना पड़ता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसके लिए धन्यवाद है। पीएम मोदी की पहल पर वक्फ बिल में तमाम तरह की सुविधाएं प्रदान की गई हैं। पिछड़े, शोषित और वंचित मुस्लिम समाज के लोगों के लिए संशोधन बिल कल्याणकारी होगा।