अयोध्या के गांधी पार्क में छात्र संगठन जंतर मंतर की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समस्त छात्रों की ओर से यह ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज, दमनात्मक कार्रवाई एवं मुकदमे दर्ज किया जाना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। छात्र-युवा देश का भविष्य हैं, उनके साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अतः हमारी निम्नलिखित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए- 1. लाठीचार्ज के दौरान मृत प्रत्येक छात्र/छात्रा के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। 2. घायल सभी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क समुचित चिकित्सा एवं उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। 3. आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं। 4. नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं एवं छात्रों पर हुए दमन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। 5. छात्रों पर हुए दमन की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री भी तत्काल इस्तीफा दें। 6. नीट परीक्षा में हुई समस्त अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।