रामनगरी अयोध्या में अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखने लगा है। यहां टीबी रोगियों की जांच के लिए तीन और ट्रूनाट मशीनें मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसे शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इन्हें मशीन विहीन चल रहे तीन ब्लॉकों पर स्थापित किया जाएगा, जिससे वहां के मरीजों को भाग दौड़ से निजात मिलेगी। किसी मरीज में टीबी की पुष्टि के लिए तीन तरह की जांच होती है। बलगम न निकलने वाले मरीज का एक्सरे कराया जाता है। अगले चरण में माइक्रोस्कोपिक जांच होती है, जो कि पुरानी पद्धति हो चुकी है। इस पद्धति से एक मिलीलीटर सैंपल में यदि 10000 बैक्टीरिया होते हैं तभी रोग की पुष्टि हो पाती है। इस कारण कई बार लोग टीबी के साथ जीवन गुजारने के लिए विवश होते हैं। आधुनिक तकनीक पर आधारित ट्रूनाट और सीबीनाट मशीन से कम समय में बेहतर परिणाम सामने आते हैं। जिले के खंडासा, मवई और हैरिंगटनगंज ब्लॉक पर ट्रूनाट मशीन नहीं है। वहां के मरीजों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। अब इन तीनों स्थानों पर टीबी जांच के लिए ट्रूनाट मशीन लगाई जाएगी। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार बनियान ने बताया कि अयोध्या में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। जिन केंद्रों पर सिजेरियन ऑपरेशन नहीं होते थे, उन पर अब संख्या बढ़ी है। जिन आशा ने सिजेरियन ऑपरेशन प्राइवेट अस्पताल में कराया था, उनको बाहर कर दिया गया है। उन अस्पतालों को बंद भी कर दिया गया है। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या बढ़ गई है।