"न सौ काशी... न एक पिशाची" किवदंति है कि काशी में 100 बार स्नान करने से जितना पुण्य प्राप्त होत है उतना पुण्य एतिहासिक एवं पौराणिक पिशाची कुंड में एक बार स्नान करने से प्राप्त होती है। इसी मान्यता के चलते अयोध्या स्थित नंदीग्राम भरतकुंड से लगभग 800 मीटर पूर्व में पिशाच मोचन कुण्ड में प्रतिवर्ष लगने वाले पिशाची मिले के मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं। प्राचीन भरत गुफा एवं श्री भरत हनुमान मिलन मंदिर के महंत परमात्मा दास जी महाराज बताते हैं कि प्रत्येक वर्ष चैत माह की चतुर्दशी को पिशाची मेला लगता है।